बीडीसी बैठक को तरसा ज्योतिर्मठ, नौ माह से पंचायत प्रतिनिधियों का इंतजार

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के सीमांत विकासखंड ज्योतिर्मठ में करीब नौ माह से क्षेत्र पंचायत (बीडीसी) की बैठक नहीं होने पर ग्राम प्रधान संगठन ने नाराजगी जताई है। संगठन ने बुधवार को एसडीएम ज्योतिर्मठ के माध्यम से पंचायत राज मंत्री को पत्र भेजकर जल्द बीडीसी बैठक बुलाने और बैठक के लिए रोस्टर जारी करने की मांग की है।

ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष मोहन बेंजवाल ने कहा कि विकासखंड ज्योतिर्मठ में पहली बीडीसी बैठक बीते 29 जनवरी को हुई थी। इसके बाद से अब तक दूसरी बैठक नहीं हो पाई है। विकासखंड में 58 ग्राम पंचायतें और 23 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। उनका कहना है कि जनवरी में बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने जो प्रस्ताव रखे थे, उन पर भी संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है।

बेंजवाल ने कहा कि लंबे समय से बीडीसी बैठक नहीं होने के कारण ग्राम पंचायतों और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याएं प्रशासन के समक्ष प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पा रही हैं। इससे पंचायत व्यवस्था के साथ ही विकास कार्यों की समीक्षा और निगरानी भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि ज्योतिर्मठ क्षेत्र की धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। बदरीनाथ धाम, औली, नीति-माणा क्षेत्र, फूलों की घाटी और नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र होने के कारण यहां विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर पंचायत प्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद जरूरी है।

उन्होंने मांग की है कि बीडीसी बैठक के लिए तत्काल रोस्टर जारी किया जाए,  प्रत्येक विभाग के विभागाध्यक्ष को विभागीय प्रगति रिपोर्ट के साथ बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों, बैठक में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और बैठक में उठाए गए मामलों पर की गई कार्रवाई से संबंधित व्यक्ति को लिखित रूप से अवगत कराया जाए।

संगठन ने पंचायत राज मंत्री से पूर्व बैठक में पारित प्रस्तावों पर हुई कार्रवाई की समीक्षा कराने की भी मांग की है। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द बीडीसी बैठक आयोजित नहीं की गई तो पंचायत प्रतिनिधि आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

इस दौरान थैंग की प्रधान मीरा पंवार, लंगसी के प्रधान विनोद भंडारी, गणाई के प्रधान शिव लाल, गुलाबकोटी की प्रधान पवित्रा देवी, पगनौ के प्रधान रमेश सुंद्रियाल, लामबगड की प्रधान मीना चैहान, रैणी चकलाता के प्रधान दिनेश राणा, भलगांव के प्रधान बलवंत सिंह रावत, डुगरा की प्रधान रीना देवी, मेरग की प्रधान लक्ष्मी देवी, भर्की के प्रधान चंद्रमोहन नेगी, तोलमा के प्रधान कल्याण सिंह, बडागांव की प्रधान बीना देवी, भ्यूंगल के प्रधान मिथलेश फरस्वाण, भेंटा के प्रधान दीपक राणा, चांई के प्रधान शंकर लाल आदि मौजूद रहे।

 

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