- 11 शिविरों में मिलेगी सहायक उपकरणों की सौगात, पात्र लाभार्थियों का होगा परीक्षण
- एडिप और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत कृत्रिम अंग व उपकरणों का लाभ दिलाने की तैयारी, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने दिए गांव-गांव प्रचार के निर्देश
पौड़ी। जनपद पौड़ी गढ़वाल में दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। भारत सरकार की एडिप एवं राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत जिले में 11 स्थानों पर परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के समन्वय से आयोजित होने वाले इन शिविरों में पात्र लोगों का परीक्षण कर उन्हें योजनाओं से जोड़ा जाएगा। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अधिकतम पात्र लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
जानकारी के अभाव में कोई पात्र व्यक्ति न छूटे
जिलाधिकारी ने कहा कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों तक किया जाए, ताकि जानकारी के अभाव में कोई पात्र दिव्यांगजन या वरिष्ठ नागरिक योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रहे इन शिविरों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें। प्रत्येक शिविर में अधिक से अधिक लाभार्थियों के परीक्षण का लक्ष्य रखते हुए पात्र लोगों का चिन्हीकरण और सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए।
तहसील स्तर पर चलेगा लाभार्थी चिन्हीकरण अभियान
जिलाधिकारी ने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नोडल अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारियों को सहायक नोडल अधिकारी नामित करने के निर्देश दिए। तहसील स्तर पर बैठक कर पात्र लाभार्थियों को चिन्हित किया जाएगा। पंचायतीराज विभाग ग्राम प्रधानों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गांव-गांव तक शिविरों की जानकारी पहुंचाएगा। आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को भी पात्र लोगों तक सूचना पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
दिव्यांग बच्चों को भी शिविरों तक लाने की तैयारी
मुख्य शिक्षाधिकारी को दिव्यांग बच्चों को सूचीबद्ध कर शिविरों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीएलवी भी जागरूकता और समन्वय में सहयोग करेंगे।
प्रमाणपत्र नहीं है तो शिविर में होगी व्यवस्था
शिविरों में ऐसे दिव्यांगजनों के दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनाने की व्यवस्था भी की जाएगी, जिनके पास अभी प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रमाणपत्र के अभाव में कोई पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए शिविरों में चिकित्सकों की टीम आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण भी करेगी। जिन दिव्यांगजनों का यूडीआईडी कार्ड नहीं बना है, उनके कार्ड बनाने की व्यवस्था भी स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से की जाएगी।
इन तारीखों पर लगेंगे शिविर
- 3 अक्टूबर – धुमाकोट तहसील, नैनीडांडा
- 5 अक्टूबर – विकासखंड कार्यालय, बीरोंखाल
- 6 अक्टूबर – विकासखंड कार्यालय, थलीसैंण
- 7 अक्टूबर – विकासखंड कार्यालय, पौड़ी
- 8 अक्टूबर – नगर निगम श्रीनगर, खिर्सू
- 9 अक्टूबर – विकासखंड कार्यालय, पाबौ
- 12 अक्टूबर – राजकीय महाविद्यालय, चौबट्टाखाल
- 13 अक्टूबर – राजकीय इंटर कॉलेज, सतपुली
- 15 अक्टूबर – विकासखंड जयहरीखाल
- 16 अक्टूबर – राजकीय इंटर कॉलेज, मोहनचट्टी
- 17 अक्टूबर – राजकीय इंटर कॉलेज, दुगड्डा
वरिष्ठ नागरिकों को उपकरण, दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों का परीक्षण कर उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। वहीं एडिप योजना के तहत पात्र दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और विभिन्न सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए परीक्षण किया जाएगा।
राष्ट्रीय वयोश्री योजना के लिए निर्धारित पहचान और आर्थिक पात्रता संबंधी दस्तावेज आवश्यक होंगे। एडिप योजना के लिए आधार कार्ड, दिव्यांगता प्रमाणपत्र/यूडीआईडी कार्ड तथा निर्धारित आय संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, एआरटीओ एनके ओझा, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अलीशा सचदेवा, ईओ नगरपालिका संजय कुमार, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, सीडीपीओ आशा रावत, सहायक समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल, रविंद्र कुमार, अभिषेक पोखरियाल सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

