पौड़ी गढ़वाल में गुलदार आतंक, ग्रामीणों में आक्रोश, मौके पर पहुंचे कवींद्र इष्टवाल

चौबट्टाखाल (पौड़ी गढ़वाल): जनपद पौड़ी गढ़वाल में गुलदारों के हमलों का सिलसिला एक बार फिर से बढ़ गया है। इस बार चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के तिमलीखाल अंतर्गत ग्राम भतकोट में एक चार वर्षीय मासूम बच्ची गुलदार का शिकार बन गई। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल छा गया है।

घटना बुधवार रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। भतकोट निवासी हरेंद्र सिंह की पुत्री श्रष्टि घर में खाना खाने के बाद आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने अचानक हमला कर बच्ची को अपने जबड़ों में दबोच लिया और खेतों की ओर ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बच्ची की तलाश शुरू की। काफी देर की खोजबीन के बाद बच्ची का शव घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में बरामद किया गया।

परिवार व ग्रामीणों में शोक, सरकार-वन विभाग पर सवाल

इस घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कई महीनों से जंगली जानवरों, खासकर गुलदारों के हमले लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन न वन विभाग और न ही प्रशासन ने कोई ठोस कदम उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते उचित उपाय किए जाते तो इस दुर्घटना को रोका जा सकता था।

सामाजिक कार्यकर्ता कांग्रेस प्रदेश सचिव कवींद्र इस्टवाल घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक घटना है। क्षेत्र में लंबे समय से मानव-वन्यजीव संघर्ष की समस्या गंभीर रूप ले चुकी है, लेकिन इसे न तो विधानसभा सत्र में मजबूती से उठाया गया और न ही इसके समाधान के लिए कोई प्रभावी कार्ययोजना बनाई गई।”

विधायक पर भी नाराजगी

स्थानीय लोगों में चौबट्टाखाल क्षेत्र के विधायक के प्रति भी काफी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि विधायक ने इस गंभीर मुद्दे को विधानसभा में प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। उन्होंने मांग की है कि अब देर न की जाए और प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल गश्त बढ़ाई जाए, जाल लगाए जाएं और दीर्घकालिक समाधान निकाला जाए।

कवींद्र इस्टवाल ने वन विभाग और जिला प्रशासन से अपील की है कि वे इस मामले को गंभीरता से लें और प्रभावित क्षेत्रों में वन्यजीवों के हमलों को रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करें।

पौड़ी गढ़वाल में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष

बता दें कि पौड़ी गढ़वाल जिले के कई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों से गुलदार, भालू और अन्य वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वनों के लगातार सिकुड़ने और जंगली जानवरों के आवास क्षेत्र में मानवीय गतिविधियों के बढ़ने से यह समस्या और गंभीर होती जा रही है।

प्रशासन से ग्रामीणों की मांग है कि प्रभावित गांवों में सौर ऊर्जा से चलने वाली बाड़बंदी, नियमित गश्त, जागरूकता कार्यक्रम और जरूरत पड़ने पर समस्या पैदा करने वाले जानवरों को पकड़कर अन्यत्र स्थानांतरित करने की कार्यवाही तेज की जाए।

पीड़ित परिवार को सहायता और मुआवजे की मांग

घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव का कब्जा लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।

 

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