संसद में फिर टकराव के आसार, विपक्ष का विरोध मार्च, अहम वित्तीय विधेयकों पर होगी चर्चा

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के 13वें दिन बुधवार को भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के आसार हैं। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के कथित मामले, जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्षी दलों ने इन मुद्दों पर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही एक बार फिर प्रभावित होने की संभावना है। मंगलवार को भी विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण संसद की कार्यवाही बाधित रही थी। बुधवार को भी विपक्ष इन्हीं मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है।

विपक्ष का संसद परिसर में मार्च

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत इंडिया गठबंधन के कई सांसद संसद परिसर में गांधी प्रतिमा से मकर द्वार तक विरोध मार्च निकालेंगे। विपक्ष का आरोप है कि जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को प्रदर्शन कर रहे सीजेपी कार्यकर्ताओं और छात्रों के खिलाफ पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया। साथ ही अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर भी विपक्ष केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह को घेरने की रणनीति बना रहा है।

दो अहम वित्तीय विधेयकों पर चर्चा

हंगामे की संभावना के बीच लोकसभा में बुधवार को दो महत्वपूर्ण वित्तीय विधेयकों पर चर्चा प्रस्तावित है। इनमें बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक, 2026 और टैक्सेशन एंड अदर लॉज (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं।

प्रस्तावित बैंकर्स बुक्स एविडेंस विधेयक का उद्देश्य बैंकिंग रिकॉर्ड और उनसे जुड़े साक्ष्यों के कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाना तथा डिजिटल युग के अनुरूप प्रक्रियाओं को सरल और प्रभावी बनाना है।

महबूबा मुफ्ती पर गिरिराज सिंह का हमला

इस बीच केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ से एक दिन पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के विरोध प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ्ती ने लंबे समय तक आतंकवादियों का साथ दिया और इसलिए वह उन्हें “आतंकवादी” मानते हैं।

गिरिराज सिंह ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाया जाना देश के इतिहास का महत्वपूर्ण निर्णय था। उनके अनुसार अब पूरे देश में “एक राष्ट्र, एक संविधान, एक झंडा और एक प्रधानमंत्री” की व्यवस्था लागू है।

हंगामेदार रहने के आसार

संसद के दोनों सदनों में विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने और सरकार की ओर से विधायी कार्य आगे बढ़ाने की तैयारी के बीच बुधवार का दिन भी हंगामेदार रहने की संभावना है। विपक्ष के विरोध प्रदर्शन और सदन के भीतर संभावित गतिरोध के चलते विधायी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

 
 
 

Portaladmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

उत्तराखंड : कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत और विधायक को भी मिले SIR नोटिस

Wed Aug 5 , 2026
नैनीताल। उत्तराखंड में निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाने का कार्य तेज़ी से जारी है। इसी अभियान के दौरान नैनीताल में एक रोचक मामला सामने आया है, जहां आम नागरिकों की तरह कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत […]

You May Like

Breaking News

Share
error: Content is protected !!