जनजाति समाज ने परंपरा और लोक संस्कृति को जीवंत रखा – दौलत

जनजाति समाज के तीन दिवसीय जनजाति समागम का आगाज

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने कहा कि जनजाति समाज ने परंपरा, लोक संस्कृति और हस्तशिल्प कला को जीवंत रखा है। कहा कि जनजाति समुदाय की युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़े रह कर क्षेत्रीय विकास में भागीदार बनना होगा। नीती माणा जनजाति कल्याण समिति के तत्वाधान में बिरही के भोटिया पडाव बेडूबगड़ में जनजाति समागम में बतौर मुख्य अतिथि बिष्ट ने कहा कि जनजाति समाज की समृद्ध परंपरा, लोक संस्कृति और हस्तशिल्प कला इस समाज की पहचान बन गई है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक रीति रिवाज को संरक्षित करना समय की पहली जरूरत बन गया है। उनका कहना था कि खास कर महिलाएं सांस्कृतिक संरक्षण में अपनी विशिष्ट छाप छोड़ रही है। जनजाति समाज के लोगों का उत्थान सरकार की पहली प्राथमिकता बन गया है।

श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति व शिक्षाविद् डा. उदय सिंह रावत ने कहा कि जनजाति समाज के लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे रहना चाहिए। उनका कहना था कि जनजातीय सांस्कृतिम महोत्सवों के साथ ही संगोष्ठियों में भी इस समाज को बढ़ चढ कर भाग लेना चाहिए। मौजूदा दौर चुनौतियों का है तो इस समाज के लोगों को चुनौतियों का भी मुकाबला करना होगा। उन्होंने कहा कि चीन सीमा से सटे सरहर्दी इलाकों में रह रहे जनजाति के लोगों को कठिन जीवन परिस्थितियों से जूझना पड़ता है। इसके बावजूद देश की द्वितीय रक्षा पंक्ति (सेकंड डिफेंस लाइन) के रूप में भी इस समाज ने विशिष्ट पहचान बना ली है। अब जरूरत इस बात की है कि शिक्षा के जरिए जनजाति के लोग राष्ट्र निर्माण में भागीदार बने।

जिला पंचायत सदस्य संतोषी ने कहा कि जनजाति समाज के लोगों की एकता और परस्पर सदभाव ने कई मुकाम हासिल किए हैं। इस समाज ने अपनी मेहनत के बल पर आर्थिक स्थिति में भारी बदलाव लाया है। अन्य समाजों को भी जनजाति समुदाय से प्रेरणा  लेनी चाहिए। समिति के अध्यक्ष हरीश परमार ने कहा कि मौजूदा दौर में जनजाति समाज के लोगों को हाथ पर हाथ धरे बैठे नहीं रहना होगा। उत्पादकता क्षेत्रों को अपना कर ही इस समाज के लोग आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं। समिति के सचिव नरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि देश बदलाव के दौर से गुजर रहा है तो जनजाति समाज के लोगों को भी बदलाव के जरिए अपनी किस्मत का फैसला स्वयं करना होगा।

इस दौरान उपाध्यक्ष गुलाब सिंह बिष्ट, कोषाध्यक्ष रणजीत सिंह बुटोला, संयोजक मंडल के सदस्य धीरेंद्र गरोडिया आदि ने भी विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जनजाति के लोगों ने पौणा नृत्य की शानदार प्रस्तुति देकर जनजाति समाज को उल्लास से भर दिया। महिला मंगल दल तोलमा, महरगांव, सुभाई, सलधार, रैणी चक लाता, सुकी, बांपा की महिलाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए कार्यक्रम में खूब रंग भरा। लोक गायक जगदीश नैथवाल तथा संदीप लैथवाल के सांस्कृतिक कार्यक्रम लोगों को खूब पसंद आए।

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